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जौनपुर जंक्शन यार्ड री-मॉडलिंग कार्य सफलतापूर्वक कमीशन

लखनऊ : उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सहयोग से  27 मई 2026 को अपराह्न 15:30 बजे जौनपुर जंक्शन यार्ड री-मॉडलिंग कार्य सफलतापूर्वक कमीशन कर दिया गया। यह कार्य यात्री सुविधाओं में वृद्धि, परिचालन क्षमता के विस्तार तथा संरक्षा सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इस परियोजना के अंतर्गत कुल 157 रूटों में से 134 रूटों में विद्यमान इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) में आवश्यक परिवर्तन किए गए। साथ ही 01 नए ऑपरेशन कंसोल (OC) की व्यवस्था की गई तथा लगभग 200 रिले की वायरिंग में परिवर्तन/वृद्धि का कार्य संपन्न किया गया।

यार्ड री-मॉडलिंग एवं नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्य के फलस्वरूप निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं—

प्लेटफार्म संख्या-1 की लंबाई में 128 मीटर, प्लेटफार्म संख्या-2 में 51 मीटर, प्लेटफार्म संख्या-3 में 244 मीटर तथा प्लेटफार्म संख्या-4/5 में 83 मीटर की वृद्धि की गई है। इसके फलस्वरूप प्लेटफार्म संख्या 1 से 5 तक की लंबाई लगभग 600 मीटर हो गई है, जिससे लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन में सुविधा होगी।

नवीन प्लेटफार्म संख्या-6 का निर्माण एवं कमीशनिंग पूर्ण कर ली गई है।

यात्रियों की सुविधा हेतु प्लेटफार्म संख्या-1 से प्लेटफार्म संख्या-6 को जोड़ने वाले 02 नए फुट ओवर ब्रिज (FOB) (6 मीटर चौड़े एवं 86 मीटर लंबे) का निर्माण एवं कमीशनिंग की गई है।

यार्ड अवरोध एवं प्रतिबंधों का निष्पादन

मुख्य लाइनों पर स्थित डबल स्लिप को हटाया गया है, जिससे परिचालन अधिक सुरक्षित एवं सुगम होगा।

यार्ड में SOD infringement के कारण लागू 15 किमी प्रति घंटा की स्थायी गति प्रतिबंध (SR) को समाप्त कर दिया गया है। इससे ट्रेनों की गति एवं परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी।

54 मीटर लंबे पुराने एवं जर्जर फुट ओवर ब्रिज को हटाया गया है।

फरवरी 2023 में जौनपुर जंक्शन से मुफ्तीगंज खंड के लिए CRS कमीशनिंग तो हो गई थी, परंतु पूर्वोत्तर रेलवे (NER) के लिए केवल एक लाइन उपलब्ध थी। वर्तमान NI कार्य के उपरांत लाइन संख्या 5, 6, 7, 8 एवं 9 तथा प्लेटफार्म संख्या 3, 4, 5 एवं 6 अप एवं डाउन दोनों दिशाओं में NER ट्रैफिक के संचालन हेतु उपलब्ध हो गए हैं।

SOD infringement के कारण मुख्य लाइन पर लागू ओवरसाइज्ड कंसाइनमेंट प्रतिबंधों को भी समाप्त कर दिया गया है।

इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक, लखनऊ ने कहा कि जौनपुर जंक्शन यार्ड री-मॉडलिंग कार्य से न केवल ट्रेनों के संचालन में सुगमता एवं गति आएगी, बल्कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है तथा इससे संरक्षा एवं परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

उन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्य को निर्धारित समय में सफलतापूर्वक पूर्ण करने हेतु सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना की |

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