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विकसित भारत @2047 के अनुरूप जल प्रबंधन से सीवर सुधार तक: नई दिल्ली को स्वच्छ, हरित और भविष्य-तैयार बनाने की NDMC की समग्र योजना : कुलजीत सिंह चहल

नई दिल्ली :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के विकसित भारत @2047 के दूरदर्शी विज़न के अनुरूप, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के उपाध्यक्ष  कुलजीत सिंह चहल ने आज NDMC कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान—जिसमें NDMC के सदस्य  अनिल वाल्मीकि एवं संबंधित विभागों के विभागाध्यक्ष (HODs) भी उपस्थित थे—कहा कि परिषद द्वारा जल प्रबंधन और सीवर प्रबंधन को सुदृढ़ करने, हरित आवरण बढ़ाने तथा पर्यावरण-अनुकूल आधुनिक परियोजनाओं को निरंतर लागू किया जा रहा है, ताकि NDMC क्षेत्र को स्वच्छ, हरित और भविष्य-तैयार शहर के रूप में विकसित किया जा सके। इस अवसर पर उन्होंने इन महत्वपूर्ण पहलों से जुड़ी विस्तृत जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों के साथ साझा की।

श्री चहल ने जानकारी दी कि सतत विकास और संसाधनों के कुशल उपयोग के प्रधानमंत्री के विज़न के तहत NDMC द्वारा Smart Irrigation System को अपनाया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत पार्कों, उद्यानों और हरित पट्टियों में आधुनिक, स्वचालित और मैकेनाइज्ड सिंचाई प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे पानी केवल आवश्यकता के अनुसार और आवश्यक स्थान पर ही उपयोग होगा। उन्होंने बताया कि यह प्रणाली जल संरक्षण को बढ़ावा देगी, पानी की बर्बादी और जलभराव की समस्या को कम करेगी, पौधों के स्वास्थ्य में सुधार लाएगी, मानव संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगी तथा संचालन लागत में भी कमी लाएगी।

उन्होंने बताया कि पहले चरण में बागवानी प्रयोजन हेतु 11 प्रमुख सड़कों पर लगभग 19.28 किलोमीटर लंबाई में स्मार्ट इरिगेशन सिस्टम प्रस्तावित है, जिससे पानी के टैंकरों की आवाजाही कम होगी और वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी। इन सड़कों में – नेहरू पार्क के आसपास का क्षेत्र, पेशवा रोड, मंदिर मार्ग, आर.के. आश्रम मार्ग, भाई वीर सिंह मार्ग, शांति पथ, पंचशील मार्ग, अशोका रोड, सी-हेक्सागन, ऑरोबिंदो मार्ग और अकबर रोड शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए टेंडर आमंत्रित किए जा चुके हैं, जिन्हें 23 और 27 जनवरी 2026 को खोला जाएगा। मार्च 2026 से पहले कार्य आवंटन प्रस्तावित है तथा सड़क की लंबाई के अनुसार कार्य अवधि 6 माह से 1 वर्ष के बीच होगी। इस चरण की कुल अनुमानित लागत ₹15.94 करोड़ है।

श्री चहल ने कहा कि पहले चरण की सफलता के बाद वर्ष 2026–27 में स्मार्ट इरिगेशन परियोजना का विस्तार करते हुए 11 अन्य मुख्य सड़कों और 5 प्रमुख उद्यानों को शामिल किया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई लगभग 19.61 किलोमीटर होगी। इस चरण के अंतर्गत महर्षि रमण मार्ग, लोधी एस्टेट लेन्स, मैक्स मूलर मार्ग, सुब्रमणियम भारती मार्ग, सान मार्टिन मार्ग, जीसस एंड मैरी रोड, मानस मार्ग, मधुलिमय मार्ग, सत्य मार्ग, चंद्रगुप्त मार्ग और नीति मार्ग के साथ-साथ सत्य सदन के पीछे कवर नाला पार्क, लोधी गार्डन, टॉकीटोरा गार्डन, संजय लेक पार्क और मधुलिमय मार्ग स्थित चिल्ड्रन पार्क को शामिल किया जाएगा। इस चरण की अनुमानित लागत लगभग ₹16 करोड़ होगी।

श्री चहल ने बताया कि NDMC क्षेत्र में स्थापित Decentralized Sewage Treatment Plants (DSTPs) से प्राप्त रीसायकल जल का उपयोग सिंचाई कार्यों में किया जा रहा है, जिससे ताजे पेयजल पर निर्भरता कम होती है और जल संसाधनों का सतत एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होता है। वर्तमान में NDMC क्षेत्र में 12 DSTPs कार्यरत हैं, जिनका उपयोग विभिन्न पार्कों और हरित क्षेत्रों में सिंचाई के लिए किया जा रहा है, जो परिषद की पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने आगे बताया कि NDMC द्वारा कुल 2250 KLD क्षमता की 5 नई D-STPs के निर्माण, संचालन और रख-रखाव का प्रस्ताव किया गया है। ये संयंत्र बापू धाम हाउसिंग कॉम्प्लेक्स, INA मेट्रो स्टेशन के सामने स्थित हॉर्टीकल्चर नर्सरी, राजेंद्र प्रसाद रोड और अशोका रोड के चौराहे पर स्थित आइलैंड, भारती नगर सीवरेज पंपिंग स्टेशन तथा नेहरू पार्क में स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए RFP जारी किया जा चुका है, जिसकी अंतिम तिथि 19 जनवरी 2026 है। मार्च 2026 तक कार्य आवंटन और नवंबर 2026 तक परियोजना के कमीशन होने की संभावना है। इस परियोजना की कुल लागत लगभग ₹57 करोड़ है।

श्री चहल ने यह भी बताया कि NDMC द्वारा PPP मॉडल पर 8 नई D-STPs स्थापित करने का प्रस्ताव है, जिनमें शांति पथ स्थित रोज गार्डन, शांति पथ पर कौटिल्य मार्ग राउंडअबाउट, तमिलनाडु भवन के पीछे रेसकोर्स नर्सरी, संजय लेक पार्क, क्यू-पॉइंट टैक्सी स्टैंड के पास, सांगली मेस के निकट, लोधी गार्डन और तलकटोरा गार्डन शामिल हैं। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत लगभग ₹150 करोड़ है।

इसके साथ ही श्री चहल ने बताया कि विकसित भारत @2047 के विज़न के अनुरूप NDMC अपनी आगामी परिषद बैठक में नई दिल्ली की पुरानी और जर्जर सीवर व्यवस्था के सुधार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी देने जा रही है।

प्रस्तावित सीवर सुधार परियोजनाएं

शहर की पुरानी सीवर लाइनों की समस्याओं को दूर करने और पूरी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए निम्नलिखित कार्यों को मंज़ूरी के लिए प्रस्तावित किया जाएगा :
1. ट्विन बैरल सीवर (2100 mm) का सुधार – भाग-01
C-Hexagon से लोधी रोड तक (ज़ाकिर हुसैन मार्ग, गोल्फ कोर्स और सुब्रमणियम भारती मार्ग के माध्यम से) स्थित 2100 mm डायामीटर की पुरानी ट्विन बैरल सीवर लाइन की सफाई और मरम्मत का कार्य लगभग ₹77 करोड़ की लागत से प्रस्तावित है।
2. ट्विन बैरल सीवर (2100 mm) का सुधार – भाग-02
इसी सीवर लाइन के दूसरे हिस्से (Part-02) के सुधार का कार्य लगभग ₹77 करोड़ की लागत से प्रस्तावित है।
3. 450 mm सीवर लाइन का CIPP तकनीक से सुधार
सरदार पटेल मार्ग से शांति पथ तक (पंचशील मार्ग के रास्ते) 450 mm डायामीटर की सीवर लाइन की सफाई और मरम्मत आधुनिक CIPP (Cured-In-Place Pipe) तकनीक से की जाएगी। इस पर लगभग ₹8 करोड़ खर्च होने का प्रस्ताव है।
4. अशोका रोड स्थित सीवर लाइन का सुधार
निर्वाचन सदन से C-Hexagon तक अशोका रोड पर स्थित 1100–1200 mm डायामीटर की सीवर लाइन के सुधार का कार्य लगभग ₹19 करोड़ की लागत से प्रस्तावित है।
5. ब्रिक बैरल सीवर का सुधार
कुशक नाले से ऑरोबिंदो मार्ग (ब्रिगेडियर होशियार सिंह मार्ग) तक स्थित ब्रिक बैरल सीवर की सफाई और मरम्मत के लिए ₹23 करोड़ की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रस्तावित है।

श्री चहल ने बताया कि ये सभी परियोजनाएं खासतौर पर लुटियंस दिल्ली क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, जहां सीवर व्यवस्था कई दशकों पुरानी हो चुकी है।

श्री चहल ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं विशेष रूप से लुटियंस दिल्ली क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जहां सीवर अवसंरचना कई दशकों पुरानी हो चुकी है। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत @2047 एवं सतत शहरी विकास के विज़न के अनुरूप कहा कि आधुनिक और उन्नत तकनीकों को अपनाने से आम नागरिकों को कम असुविधा होगी तथा सीवर व्यवस्था की कार्यक्षमता, पर्यावरण संरक्षण और जन-स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

उन्होंने आगे कहा कि NDMC नागरिकों को बेहतर, भरोसेमंद और टिकाऊ नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इन परियोजनाओं के स्वीकृत और पूर्ण होने के बाद NDMC की सीवर व्यवस्था और अधिक मज़बूत होगी, खराबियों की संभावना कम होगी तथा नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी, जिससे माननीय प्रधानमंत्री के विज़न के अनुरूप एक आधुनिक, नागरिक-केंद्रित और भविष्य-तैयार नई दिल्ली के निर्माण की दिशा में एक और ठोस कदम सिद्ध होगा।

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