ड्राइवरों की हड़ताल का पुरजोर समर्थन,साल की कैद और सात लाख जुर्माना संबंधी कानून को रद्द किया जाए : अनिल दुबे

लखनऊ : राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने देश भर में ड्राइवरों की हड़ताल का पुरजोर समर्थन करते हुये कहा कि ये काला कानून है।
उन्होंने मांग की कि 10 साल की कैद और सात लाख जुर्माना संबंधी कानून को रद्द किया जाए। साथ ही हड़ताली ड्राइवरों पर सरकार द्वारा किये जा रहे दमन और बल प्रयोग की कड़े शब्दों में निन्दा की है।
लखनऊ में जारी बयान में दुबे ने कहा कि नया मोटर व्हीकल एक्ट बनाने से पहले ट्रांसपोर्टरों और ड्राइवरों को भरोसे में क्यों नहीं लिया गया। बगैर प्रभावित वर्ग और विपक्ष से मशविरा किये सरकार ने कानून बनाकर लोकतंत्र पर कुठाराघात किया है।
उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ ट्रांसपोर्टर और ड्राइवर के विरुद्ध जो कानून केंद्र सरकार ने बनाया है उससे एक तरफ जीवन यापन में दिक्कतें आएंगी और दूसरी तरफ इस कानून का दुरुपयोग करके लोग संगठित अपराध और वसूली तंत्र को बढ़ावा देंगे जिसके परिणाम बहुत ही घातक होंगें ।क्यों कि इस कानून में जो प्राविधान किया गया है सजा और जुर्माने को चुकाते हुये तो लोगों की उम्र ही बीत जाएगी। फिर कैसे वो अपने परिवार का भरण पोषण करेंगें।जबसे लोगों को नए कानून का पता चला है तभी से लोंगो में त्राहि त्राहि मची है।
श्री दुबे ने कहा कि सरकार असल मुद्दों से ध्यान भटकाकर धार्मिक मुद्दों को इतना अधिक उठा रही है कि लोग जन हित भूल जायेँ और उनकी आड़ में उन पर मनमानी तानाशाही लादी जा सके ।
श्री दुबे ने कहा कि इस सरकार ने पहले मुसलमानों, किसानों, जवानों और अब ड्राइवरों पर वार करके जो संदेश दिया है उससे स्पष्ट है कि सरकार सिर्फ पूंजीपतियों के हित में काम कर रही है।



