फूंका गया राष्ट्र विरोधी, सनातन विरोधी, दिमागी नक्सलवाद का रावण
बुराई पर अच्छाई की जीत के बाद फूंका गया 75 फुट का रावण

लखनऊ । मंगवार को विजय दशमी पर्व के अवसर पर ऐशबाग के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 75 फुट ऊंचे रावण का दहन देखने के लिए हजारों रामभक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी जिसे जहाँ जगह मिली वहीं बैठ गया बहुत से लोग रावण दहन का दृश्य देखने के लिए मैदान के बाहर की सड़कों तक पर खड़े हो गए ।
कोलकाता के कलाकारों द्वारा मंच पर चल रही रामलीला के मंच पर जैसे ही श्रीराम के द्वारा रावण का वध किया जाता है तुरंत ही मैदान में उपस्थित श्रद्धालुओं की भीड द्वारा जय श्री राम का उदघोष आरंभ हो गया ।
इसके उपरांत स्वदेशी आकाशीय आतिशबाजियों और जोरदार आवाज के पटाखों से सुसज्जित रावण के पुतले का दहन किया गया ।
जिसे मैदान में मौजूद प्रत्येक व्यक्ति अपने मोबाइल कैमरे में कैद करने को आतुर दिखाई दिया ।
रावण दहन से पूर्व आतिशबाजों द्वारा करीब डेढ घंटे तक देशी अतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया जिसे देख बच्चे खूब आनंदित दिखे ।
रामलीला के मंच पर रावण वध से पूर्व लक्ष्मण जी का मेघनाथ से युद्ध होना उन्हे शक्तिबाण लगना, हनुमान जी द्वारा संजीवनी बूटी हेतु द्रोणागिरि पर्वत को लाना, और मेघनाथ वध जैसी प्रमुख लीलाओं का मंचन किया गया ।
विजयदशमी पर्व पर रामलीला के मंच पर अण्डमान निकोबार के राज्यपाल महामहिम डॉ० दिनेश शर्मा के साथ उ०प्र० सरकार के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक व पूर्व मंत्री डॉ महेंद्र सिंह की मौजूदगी मे फूंका गया रावण का पुतला । पुतला दहन से पूर्व रामलीला सामित के अध्यक्ष हरीशचन्द्र अग्रवाल ने सभी गणमान्य अतिथियों को मंच पर अंगवस्त्र पहनाकर व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया । इस अवसर पर उनके साथ समिति के मंत्री ऋतुराज रस्तोगी, उपाध्यक्ष शुभम अग्रवाल (द्वितीय), कोषाध्यक्ष शुभम अग्रवाल (प्रथम) के साथ ही समिति के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे ।



