दिल्ली के किदवई नगर ईस्ट में महिला नेतृत्व वाली समिति मना रही दुर्गा पूजा का छठा वर्ष

नई दिल्ली : दुर्गा पूजा के मौके पर दिल्ली के किदवई नगर ईस्ट में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। किदवई नगर ईस्ट सार्बोजनिन पूजा समिति, किदवई नगर ईस्ट बांगिया समिति (पंजीकृत) के तहत, 16 से 21 अक्टूबर तक टाइप-V, हनुमान मंदिर परिसर में सार्बोजनिन श्री श्री दुर्गा पूजा का आयोजन कर रही है। इस वर्ष आयोजन का छठा साल है। खास बात यह है कि समिति का नेतृत्व क्षेत्र की महिला निवासी कर रही हैं, जो स्थानीय लोगों के सहयोग से इस उत्सव को सफल बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
पूजा के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पुष्पांजलि, प्रसाद और भोग वितरण, आरती तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में लोगों को पूजा-अर्चना के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होने और एक-दूसरे के साथ समय बिताने का अवसर मिल रहा है। समिति का उद्देश्य स्थानीय लोगों को एक साथ लाना और दुर्गा पूजा से जुड़ी परंपराओं को आगे बढ़ाना है। दुर्गा पूजा के बाद भी समिति साल भर अलग-अलग त्योहारों का आयोजन करेगी। इसके तहत 25 अक्टूबर को श्री श्री कोजागरी लक्ष्मी पूजा, 8 नवंबर 2026 को काली पूजा और 11 फरवरी 2027 को सरस्वती पूजा आयोजित की जाएगी।
समिति की अध्यक्ष सुमना रॉय ने कहा, “दुर्गा पूजा हमारे लिए केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह लोगों को एक साथ लाने और अपनी परंपराओं से जुड़े रहने का अवसर भी है। पिछले छह वर्षों से हम इस आयोजन को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का सहयोग और उत्सव में उनकी भागीदारी हमें हर साल इसे बेहतर तरीके से आयोजित करने के लिए प्रेरित करती है।”
समिति की उपाध्यक्ष इंदिरा उपाध्याय ने कहा, “हमारी कोशिश रहती है कि पूजा में आने वाला हर व्यक्ति खुद को इस उत्सव का हिस्सा महसूस करे। पूजा-अर्चना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं, ताकि बच्चे, युवा और बड़े सभी इसमें भाग ले सकें। ऐसे आयोजन लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने और अपनी संस्कृति व परंपराओं को करीब से समझने का मौका देते हैं।”
समिति के महासचिव सुभाष चंद्र घोष ने कहा, “दुर्गा पूजा के आयोजन में समिति के सदस्यों के साथ-साथ स्थानीय लोगों का सहयोग भी बहुत जरूरी है। सभी मिलकर तैयारियों और कार्यक्रमों को पूरा करने में योगदान देते हैं। लोगों को परिवार के साथ पूजा में शामिल होते और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेते देखना अच्छा लगता है। हमारा प्रयास है कि हर साल यह आयोजन लोगों के लिए यादगार बने।”
दिल्ली में पहली बार दुर्गा पूजा में शामिल हुए सौरव के लिए यह एक नया और खास अनुभव रहा। उन्होंने कहा, “मैं पहली बार दिल्ली में दुर्गा पूजा देखने आया और यहां का माहौल मुझे बहुत अच्छा लगा। पूजा के साथ होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम खास तौर पर पसंद आए। इतने सारे लोगों को एक साथ त्योहार मनाते देखना अच्छा अनुभव था। यहां आकर मुझे दुर्गा पूजा को करीब से देखने और इसके उत्सव का हिस्सा बनने का मौका मिला।”
पहली बार दिल्ली में दुर्गा पूजा देखने आईं रिया ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा, “मुझे यहां का माहौल और सांस्कृतिक कार्यक्रम बहुत पसंद आए। पूजा के दौरान लोगों का उत्साह और सभी का मिलकर त्योहार मनाना अच्छा लगा। पहली बार दिल्ली में दुर्गा पूजा में शामिल होकर मुझे यहां की परंपराओं को करीब से देखने और समझने का मौका मिला। यह मेरे लिए एक यादगार अनुभव रहा।”
समिति की ओर से क्षेत्र के निवासियों, श्रद्धालुओं और बंगाली समुदाय के सदस्यों को 21 अक्टूबर तक चलने वाले दुर्गा पूजा उत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से समिति स्थानीय लोगों को एक साथ लाने और त्योहार की परंपराओं को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है।



