इंडियन बैंक का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में वर्ष दर वर्ष आधार पर 14.71 फीसदी बढ़ा

लखनऊ : सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन बैंक का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में वर्ष दर वर्ष आधार पर 14.71 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है, जो बेहतर परिचालन दक्षता, स्थिर एनआईएम और अनुशासित लागत प्रबंधन को दर्शाती है। इंडियन बैंक का शुद्ध लाभ सितंबर 2025 में 3018 करोड़ के सापेक्ष सितंबर 2026 में 14.71 फीसदी की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि के साथ 3462 करोड़ रूपये रहा है।
इंडियन बैंक के निदेशक मंडल ने गुरूवार को 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही हेतु वित्तीय परिणामों की घोषणा की है। इसके मुताबिक वर्तमान वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में बैंक के कुल कारोबार में 14.22 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जो सभी क्षेत्रों में व्यापक प्रगति को दर्शाती है वहीं सकल अग्रिमों में 16.39 फीसदी वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि हुई, जिसका मुख्य कारण खुदरा, कृषि और एमएसएमई (रैम) पोर्टफोलियो में आई मजबूत माँग है ।
परिणामों के मुताबिक 39.36 फीसदी की मजबूत कासा अनुपात के समर्थन से जमाराशियों में 12.50 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। जबकि बैंक ने रणनीतिक रूप से अपने थोक जमा (सीडी सहित) को तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 5.60 फीसदी कम किया है, जो जून 2026 में 1.62 लाख करोड़ रूपये से घटकर सितंबर 2026 में 1.52 लाख करोड़ रूपये रह गया है। बैंक ने 22486 करोड़ रूपये की नई एफसीएनआर (बी) जमाराशियाँ संग्रहीत की हैं। इसके अलावा, बैंक ने 3806 करोड़ रूपये की ओएफसीबी भी जुटाई है।
इसी अवधि में बैंक के परिचालन लाभ में वर्ष-दर-वर्ष 46.58 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई । जीएनपीए में 1.61 फीसदी और एनएनपीए में 0.14 फीसदी वृद्धि के साथ आस्ति गुणवत्ता और अधिक मजबूत हुई है। बैंक के डिजिटल लेनदेन की हिस्सेदारी कुल लेनदेन का 96 फीसदी रही, जो बैंक के प्रौद्योगिकी-आधारित ग्राहक संबंध को रेखांकित करता है।


