पांच दिवसीय सेक्टर-ए सीतापुर रोड योजना रामलीला का मंचन 16 अक्टूबर से, रिहर्सल शुरू

लखनऊ । सेक्टर-‘ए’ सीतापुर रोड योजना में 16 अक्टूबर से शुरू होने वाले पांच दिवसीय रामलीला के 34वें मंचन की तैयारियां जोरशोर से चल रहीं है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के चरित्र को जीवन में उतारने व वर्तमान समय में उनके चरित्र को दिखाने की उत्सुकता कलाकारों में साफ नजर आ रही है। श्रीरामलीला पार्क में स्थित विश्वनाथ मंदिर परिसर में चल रहे रिहर्सल में ”सच्चे योद्धा सच्चे क्षत्रिय अपमान नहीं सह सकते है, इनको सुनने का ताव नहीं, चुप कैसे रह सकते है…” जैसे संवाद गुंजायमान हो रहे है।
मंदिर परिसर में रात्रि के आठ बजते ही सभी कलाकार एकत्र होकर रामलीला की रिहर्सल में जुट जाते हैं।निर्देशक उमाशंकर राठौर व जितेंद्र मिश्र प्रतिदिन कलाकारों को मंचन के तौर तरीके और उनके द्वारा निभाए जाने वाले दृश्यों की बारीकियों को बखूबी समझा रहे हैं। उन्होंने बताया कि रामलीला में स्थानीय बच्चों व कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है।
संयुक्त मंत्री शांति स्वरूप शुक्ला ने बताया कि मंचन के साथ ही नई तकनीकी का प्रयोग करते हुए एलईडी स्क्रीन के माध्यम से भी कई दृश्यों को प्रदर्शित किया जायेगा। वहीं रामलीला के मंचन के साथ ही बेटियां भी प्रतिदिन शिव तांडव, महिषासुरमर्दिनी सहित कई नृत्यों की प्रस्तुति देंगी।
श्रीराम लीला समिति के अध्यक्ष सुरेश कुमार तिवारी ने बताया कि सूर्य प्रताप सिंह, सत्यम वर्मा श्रीराम वन गमन तक क्रमशः राम व लक्ष्मण और उसके पश्चात लक्ष्य मिश्रा, राज सिंह क्रमशः राम व लक्ष्मण का किरदार निभाएंगे। जबकि अंश मिश्रा (माता सीता), निर्देशक जितेंद्र मिश्रा (हनुमान व सुमंत्र), शांति स्वरूप शुक्ला (अंगद व सुषेण वैध), प्रभाकर तिवारी (राजा दशरथ), शिव प्रकाश सिंह (जनक), हर्ष वर्मा (भरत), हेमंत गुप्ता (शत्रुघ्न), संजय सिंह (रावण), निर्देशक उमाशंकर राठौर (केवट व जोगी रावण), शाश्वत पाठक (परशुराम, वशिष्ठ), अभय वर्मा (सुग्रीव, सूर्पनखा, कैकेई) का किरदार निभाएंगे।
इस वर्ष फिर गूंजेगी संजय सिंह (रावण) की गर्जना
एक दशक से अधिक वर्षों तक रावण का किरदार निभा चुके संजय सिंह की दो वर्ष बाद वापसी हो गई है और उनकी गर्जना फिर गूंजेगी। संजय सिंह ने वर्ष 2023 तक लगातार रावण का किरदार निभाया था। लेकिन उनकी व्यस्तता के कारण वर्ष 2024 और 2025 में शाश्वत पाठक ने रावण का किरदार निभाया था।
श्री रामलीला कार्यक्रम
16 अक्टूबर – भगवान श्रीगणेशजी की वन्दना, श्रीराम जन्म, ताड़का वध, धनुष यज्ञ, परशुराम लक्ष्मण संवाद।
17 अक्टूबर – श्रीराम लक्ष्मण एंव सीता जी की आरती, कैकेयी-मंथरा, कैकेयी-दशरथ संवाद, राम वन गमन, केवट राम संवाद, दशरथ मरण, भरत मिलाप।
18 अक्टूबर – भगवान शंकर जी की आरती, पंचवटी दृश्य, खरदूषण वध, सीताहरण, जटायु मरण, श्रीराम हनुमान भेंट, सुग्रीव मित्रता, बालि वध।
19 अक्टूबर – मां दुर्गा जी की आरती, सीता की खोज, लंका दहन, विभीषण शरणागति, अंगद का लंका प्रस्थान, राजकुमार वध, अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति।
20 अक्टूबर – हनुमान जी की आरती, कुम्भकरण, मेघनाद, अहिरावण व रावण वध, श्रीराम राज्याभिषेक एंव आरती और पारितोषिक वितरण।



