भारत और श्रीलंका के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं हैं, ये सभ्यता, संस्कृति और आस्था के संबंध हैं : हर्ष मल्होत्रा

नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी के अंतर्राष्ट्रीय मिलन कार्यक्रम “भाजपा को जानों” के अंतर्गत आज श्रीलंका की सत्ताधारी पार्टी जनता विमुक्ति पेरमुणा (जे.वी.पी.) का प्रतिनिधिमंडल पार्टी महामंत्री एम. तिलविन सिल्वा के नेतृत्व में आज दिल्ली भाजपा कार्यालय में आया।
प्रतिनिधिमंडल में जे.वी.पी. केन्द्रीय समिति सदस्य चंद्रिका अधिकारी, श्रीलंका सांसद अबूबकर अथम्बावा, जाफना नगर परिषद सदस्य काबिलन सुंदरमूर्ति और श्रीलंका संसद नेता की समन्वय सचिव बी.आर.के. मधुभाषिणी सम्मिलित थे।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, संगठन महामंत्री पवन राणा, वरिष्ठ पदधिकारियों श्री विष्णु मित्तल, योगिता सिंह, विजय सोलंकी एवं ॠचा पांडेय ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को पुष्प गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया।
इस अवसर पर भाजपा के विदेश विभाग पदाधिकारी विजय चौथाईवाले एवं नकुल भारद्वाज और दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर एवं कार्यालय मंत्री कैलाश जैन भी उपस्थित रहे।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री हर्ष मल्होत्रा ने प्रतिनिधिमंडल के लिए अपने स्वागत भाषण में कहा की श्रीलंका के सत्ताधारी दल जे.वी.पी. के सम्मानित प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यगण आदरणीय श्री एम. तिलविन सिल्वा जी, श्री चंद्रिका अधिकारी जी, श्री अबूबकर अथम्बावा जी, श्री काबिलन सुंदरमूर्ति जी, सुश्री बी.आर.के. मधुभाषिणी जी आप सभी का हम दिल्ली के नागरिकों एवं भाजपा परिवार की ओर से स्वागत करते हैं।
भारत और श्रीलंका के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं हैं, ये सभ्यता, संस्कृति और आस्था के संबंध हैं। रामायण काल से लेकर बौद्ध धर्म के प्रचार तक, हमारे पूर्वजों ने आपसी भाईचारे की नींव रखी। समुद्र हमें अलग करता है, पर मन और मस्तिष्क हमें जोड़ते हैं। श्रीलंका में बसने वाले तमिल, बौध, सिंहल, मुस्लिम सभी समुदायों से भारत का रिश्ता परिवार जैसा है।
आज जब हम वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, तब पड़ोसी देशों के साथ मित्रता और सहयोग और भी आवश्यक हो गया है।
मुझे यह कहते हुए गर्व है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत-श्रीलंका संबंधों को एक नई ऊंचाई मिली है। पिछले 10 वर्षों में आर्थिक सहायता, ऊर्जा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में दोनों देशों ने अभूतपूर्व काम किया है। कोविड के समय “वैक्सीन मैत्री” और आर्थिक संकट में भारत द्वारा दी गई सहायता इसका जीवंत उदाहरण है।
भारतीय जनता पार्टी मानती है कि मजबूत पड़ोसी ही मजबूत क्षेत्र बनाते हैं। आपकी पार्टी जे.वी.पी. के सत्ता में आने के बाद श्रीलंका में स्थिरता और विकास की जो नई पहल शुरू हुई है, हम उसका स्वागत करते हैं। हम चाहते हैं कि लोकतंत्र, पारदर्शिता और जनकल्याण के साझा मूल्यों पर हम मिलकर काम करें।
आज का यह संवाद हमारे रिश्तों को और गहरा करेगा। दिल्ली भाजपा की ओर से मैं आश्वस्त करता हूं कि भारत-श्रीलंका मैत्री को आगे बढ़ाने में हम हर संभव सहयोग करेंगे।
एक बार फिर आप सभी का स्वागत। आइए, हम मिलकर “पड़ोसी पहले” की नीति को और मजबूत करें।



