‘नाद संगम’ में शास्त्रीय संगीत और कथक की प्रस्तुतियों ने जीता सभी का मन

गाजियाबाद : युवा कलाकारों को मंच प्रदान करने और भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य की समृद्ध परंपरा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संगम कला संस्थान द्वारा ‘नाद संगम’ बैठक श्रृंखला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवा कलाकारों की शास्त्रीय प्रस्तुतियों ने कला-प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें सराहना मिली।
कार्यक्रम में शास्त्रीय गायिका यज्ञता तथा कथक नृत्यांगना आस्था गुप्ता ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। उनके साथ सह-कलाकारों के रूप में सूरज कुमार, अदिति रावत, स्नेहा और युवराजी ने सहयोग किया। प्रस्तुतियों के दौरान कलाकारों ने अपनी कला और साधना का प्रभावी प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के दौरान सभी कलाकारों को शॉल ओढ़ाकर एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनकी कला-साधना और योगदान की सराहना करते हुए उन्हें भारतीय शास्त्रीय कलाओं के क्षेत्र में निरंतर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
संगम कला संस्थान की अध्यक्ष डॉ. दीप्ति वत्स ने कहा कि संस्था का उद्देश्य युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराने के साथ भारतीय शास्त्रीय कला परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। ‘नाद संगम’ इसी उद्देश्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में निदेशक अमित रावल, सचिव सूरज कुमार, समन्वयक युवराजी, राहुल आनंद और अनमोल विमल का विशेष योगदान रहा। वहीं समीक्षा, भूमिका, जतिन, आरती और शौर्य ने स्वयंसेवक के रूप में आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग किया।



