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डीआईसी इंडिया लिमिटेड में श्रम कानूनों के उल्लंघन का आरोप, श्रमिकों ने आंदोलन का बिगुल फूंका : सीटू 

गौतमबुद्ध नगर : मैसर्स डीआईसी इंडिया लिमिटेड, प्लॉट नंबर सी-55 ए, एंड बी फेस-2, नोएडा के प्रबंधन पर श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन करने तथा कर्मचारियों के आर्थिक एवं मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सीटू ने आंदोलन का ऐलान किया है।

इसी क्रम में आज सेक्टर-110, नोएडा पार्क में कर्मचारियों की आमसभा आयोजित की गई। सभा में सीटू जिला महासचिव कामरेड रामस्वारथ तथा जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा की उपस्थिति में कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए सीटू जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि डीआईसी इंडिया लिमिटेड प्रबंधन कर्मचारियों की जायज एवं वैधानिक मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। उन्होंने बताया कि अंकित कुमार, आसिफ अली, सोमनाथ राय, आतिश कुमार सिंह, देवेंद्र कुमार सिंह और अजीत कुमार को 29 जून 2026 को कथित रूप से गैरकानूनी तरीके से सेवा समाप्त कर नौकरी से बाहर कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि संस्थान स्तर की डीआईसी इंडिया एम्प्लाइज यूनियन के मंत्री सुनील कुमार उपाध्याय को पिछले लगभग दो वर्षों से कथित झूठे आरोपों के आधार पर निलंबित रखा गया है। वहीं वर्षों से संस्थान में कार्यरत अस्थाई कर्मचारियों को स्थायी नहीं किया जा रहा है तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके बकाया फुल एंड फाइनल भुगतान से भी वंचित रखा गया है।
महंगाई भत्ता भी रोका गया
सीटू जिला सचिव ने कहा कि अप्रैल 2026 से देय परिवर्तनशील महंगाई भत्ता (वीडीए) का भुगतान भी श्रमिकों को नहीं किया गया है। इन सभी समस्याओं को लेकर श्रम विभाग में सुलह-वार्ता चल रही है, लेकिन कर्मचारियों के अनुसार प्रबंधन समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है और वार्ताओं में केवल उपस्थित होकर खानापूर्ति कर रहा है।
आमसभा में कर्मचारियों ने प्रबंधन के रवैये पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। विस्तृत चर्चा के बाद सर्वसम्मति से आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया।
आंदोलन के चरणबद्ध कार्यक्रम की घोषणा
1 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3 बजे कर्मचारी एवं सीटू कार्यकर्ता अपर श्रमायुक्त कार्यालय, सेक्टर-3, नोएडा पर जोरदार प्रदर्शन करेंगे और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर पुनः मांग-पत्र सौंपेंगे।
इसके बाद 10 अक्टूबर 2026 से सभी कर्मचारी विरोधस्वरूप काली पट्टी बांधकर संस्थान में कार्य करेंगे। साथ ही ड्यूटी पर आते समय तथा ड्यूटी समाप्त होने के बाद कंपनी गेट पर नारेबाजी एवं विरोध प्रदर्शन कर प्रबंधन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, बकाया भुगतान, महंगाई भत्ता, स्थायीकरण तथा अन्य वैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा। यदि प्रबंधन ने समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा।

 

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