राधा अष्टमी पर सजी राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकी, मनौतियों के राजा’ को अर्पित हुआ 56 भोग

लखनऊ। भक्ति, आस्था और भव्यता के अनूठे संगम के बीच श्री गणेश प्राकट्य कमेटी की ओर से झूलेलाल वाटिका (हनुमान सेतु के पास) में आयोजित गणेशोत्सव का छठा दिन शनिवार को अविस्मरणीय बन गया। अवसर था राधा अष्टमी का और इस पावन तिथि पर बप्पा के दरबार में ‘मनौतियों के राजा’ को 56 भोग अर्पित किया गया। साथ ही, श्री राधा-कृष्ण की अलौकिक व सुंदर झांकी सजाई गई, जिसने हर श्रद्धालु का मन मोह लिया। इस अवसर पर भाजपा नेता विराज दास गुप्ता ने मनौतियों के राजा के दर्शन किए. छप्पन भोग उत्सव की भव्यता देखते ही बन रही थी। कमेटी के 351 परिवारों ने इसमें अत्यंत उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया। हाथों में छप्पन भोग से सजी थालियां थामे महिलाएं, पुरुष और बच्चे ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते बप्पा के दरबार पहुंचे। जैसे ही भगवान को भोग अर्पित किया गया, पूरा पंडाल “गणपति बाप्पा मोरया” और “मनौतियों के राजा” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
इस दौरान कोलकाता से आए प्रसिद्ध भजन गायक संजय शर्मा ने अपने मधुर कंठ से “छप्पन भोग का थाल सजाकर लाए…” और “बप्पा खा ले रे जरा छप्पन भोग धरा…” जैसे भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति दी, जिस पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमने लगे।
दिग्गजों और श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति
आस्था के इस महासंगम में अनेक गणमान्य जनों व श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में संरक्षक भारत भूषण गुप्ता, अध्यक्ष घनश्याम अग्रवाल, पार्षद रंजीत सिंह, जय करन सिंह, अखिलेश बंसल, संजय सिंह गांधी, गोपाल अग्रवाल, सुधांशु बाथम सहित महिला मण्डल से संध्या बंसल, उषा अग्रवाल, रुक्मणी अग्रवाल, अंशु बंसल, विमी बंसल, नेहा बंसल, नीरजा सिंह, अंजू गुप्ता, अनुराधा गोयल व कविता अग्रवाल समेत भारी संख्या में भक्तजन मौजूद रहे।
सांस्कृतिक संध्या में राधे-कृष्ण के रास की छटा
संध्या काल में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने उत्सव के आनंद को दोगुना कर दिया। राधा अष्टमी के उपलक्ष्य में प्रस्तुत की गई ‘राधा-कृष्ण रास’ की सजीव व मनमोहक झांकी आकर्षण का केंद्र रही। इस दिव्य दृश्य के बीच जब संजय शर्मा ने प्रसिद्ध भजन “राधे तेरे चरणों की गर धूल जो मिल जाए…” छेड़ा, तो पूरा पंडाल राधा रानी और गणपति के भक्ति रस में डूब गया।
समिति के संरक्षक भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि रविवार को सिंदूराभिषेक, मध्याह्न 12 बजे होगा।
*उत्सव के मुख्य आकर्षण*
– *20 सितंबर:* सिंदूराभिषेक, मध्याह्न 12 बजे
– *23 सितंबर:* पाशांकुश पूजन, मध्याह्न 12 बजे
– *24 सितंबर:* महाभिषेक, मध्याह्न 12 बजे तथा महामोदक, रात्रि 8 बजे


