वज़ीर बाग की फ़िज़ाओं में गूंजा कर्बला का पैग़ाम
अज़ाखाने की मजलिस में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब

लखनऊ : लखनऊ की तहज़ीब और अज़ादारी की रिवायत एक बार फिर उस वक़्त अपनी पूरी रौनक़ के साथ नज़र आई, जब वज़ीर बाग रोड स्थित दरगाह हज़रत अब्बास के निकट सैयद इफ्तिखार मीसम रिज़वी इलेक्ट्रॉनिक्स के अज़ाखाने में एक पुरनूर मजलिस का आयोजन हुआ। मजलिस को मशहूर आलिम-ए-दीन मौलाना फरीदुल हसन ने ख़िताब करते हुए वाक़े-ए-कर्बला की रूह, हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) की अज़ीम क़ुर्बानी और इंसानियत, सब्र व इंसाफ़ के पैग़ाम को बेहद असरदार अंदाज़ में बयान किया।
उन्होंने कहा कि कर्बला केवल एक तारीखी वाक़िआ नहीं, बल्कि हर दौर के इंसान के लिए ज़ुल्म के मुक़ाबले हक़ और सच्चाई पर डटे रहने की सबसे बड़ी मिसाल है। उनके ख़िताब ने मौजूद अज़ादारों को भाव-विभोर कर दिया और मजलिस का माहौल पूरी तरह रूहानी रंग में रंग गया।
इस पुरवक़ार मजलिस में शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जावद, मौलाना कल्बे अहमद और मौलाना रज़ा हुसैन सहित अनेक जानी-मानी धार्मिक एवं सामाजिक शख्सियतों की मौजूदगी ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया। बड़ी तादाद में अज़ादारों ने शिरकत कर इमाम हुसैन (अ.स.) के मिशन के प्रति अपनी अकीदत पेश की।
मजलिस का समापन दुआ और सलाम के साथ हुआ। यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मोहब्बत, भाईचारे, इंसानियत और कर्बला के अमर संदेश को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का एक ख़ूबसूरत ज़रिया भी बना।



