सोनम वांगचुक का अनशन का मकसद छात्र समस्या उठाना नही बल्कि संसद के मानसून सत्र के दौरान सड़क से संसद तक हंगामा करना है : हर्ष मल्होत्रा

नई दिल्ली : दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा है की सोनम वांगचुक के अनशन मामले में जिस तरह आज दिल्ली उच्च न्यायालय से अंतरिम राहत मांगने के लिए सांसद कपिल सिब्बल एवं विवेक तनखा जैसे बड़े महंगे वकील पेश हुए उससे स्पष्ट हो जाता है की सोनम वांगचुक कोई एक्टिविस्ट के नाते नही बल्कि भारत के पूरे विपक्ष के राजनीतिक मोहरे के रूप में धरने पर बैठे थे।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है कि पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने की जो भी कार्यवाई की वह दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश अनुरूप था और शायद उसी के मद्देनजर दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोनम वांगचुक की ओर से दाखिल याचिका पर कोई अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया।
“नीट” परिक्षा लीक के नाम पर आम आदमी पार्टी, कम्युनिस्ट एवं कांग्रेस पार्टी प्रायोजित इस धरने में सोनम वांगचुक अनशन पर बैठे 28 जून को जबकि “नीट” की संतोषजनक पुनः परिक्षा हो गई 21 जून जो साफ करता है की अनशन का मकसद छात्र समस्या उठाना नही बल्कि संसद के मानसून सत्र के दौरान सड़क से संसद तक हंगामा करना है।



