कुलजीत सिंह चहल के नेतृत्व में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का 33वाँ रविवार उत्साहपूर्वक आयोजित

नई दिल्ली | हर रविवार हरियाली बढ़ाने के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने आज नेताजी नगर स्थित महिला तकनीकी संस्थान (WTI) में ‘#एक_पेड़_माँ_के_नाम_ऑन_संडे’ अभियान के अंतर्गत लगातार 33वें रविवार आयोजित सामूहिक वृक्षारोपण कार्यक्रम का नेतृत्व किया। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से चल रहे इस अभियान के माध्यम से उन्होंने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के इस जनआंदोलन से जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री चहल ने कहा कि ‘#एक_पेड़_माँ_के_नाम_ऑन_संडे’ अभियान लगातार 33वें रविवार तक सफलतापूर्वक पहुँच चुका है। यह पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता और जनभागीदारी का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक रविवार होने वाले वृक्षारोपण कार्यक्रमों के साथ-साथ एनडीएमसी विश्वविद्यालयों, दूतावासों और विभिन्न संस्थानों के सहयोग से भी बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चला रही है।
श्री चहल ने टीम एनडीएमसी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सामूहिक अभियान नई दिल्ली को अधिक हरित, स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण करना भी सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर महिला तकनीकी संस्थान की प्रधानाचार्या श्रीमती कोमल पाठक, संस्थान के शिक्षकगण एवं छात्राएँ, मुख्य अभियंता श्री विजय, मुख्य अभियंता श्री पूर्णेश, अधीक्षण अभियंता कर्नल हरि, अधीक्षण अभियंता कर्नल कौशिक, उप निदेशक (उद्यान) श्री जितेन्द्र डबास तथा एनडीएमसी के सिविल, विद्युत, जलापूर्ति, सीवर, उद्यान एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी अपनी माताओं के सम्मान में पौधारोपण किया।
प्रतिभागियों ने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ केवल वृक्षारोपण अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति और मातृत्व के प्रति अपने दायित्व का एहसास कराने वाला प्रेरणादायी जनआंदोलन है।
इस अवसर पर कुलजीत सिंह चहल ने कहा—”‘एक पेड़ माँ के नाम’ केवल एक वृक्षारोपण अभियान नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव, सामाजिक उत्तरदायित्व और पर्यावरण संरक्षण का जनआंदोलन है। अपनी माँ के सम्मान में लगाया गया प्रत्येक पौधा माँ प्रकृति के प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित तथा हरित भविष्य की मजबूत नींव रखता है।”
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं का कौशल विकास, आधुनिक तकनीकी शिक्षा और आत्मनिर्भरता भी ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प का महत्वपूर्ण आधार है। महिला तकनीकी संस्थान का उन्नयन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
वृक्षारोपण कार्यक्रम के बाद कुलजीत सिंह चहल ने नेताजी नगर स्थित एनडीएमसी महिला तकनीकी संस्थान का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने विभागाध्यक्षों (HODs), संस्थान की प्रधानाचार्या तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संस्थान की अधोसंरचना, प्रशिक्षण सुविधाओं और शैक्षणिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने संस्थान के समग्र आधुनिकीकरण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि भवन एवं परिसर का उन्नयन, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएँ, हर्बल गार्डन, कैफेटेरिया, स्मार्ट कक्षाएँ तथा अन्य आवश्यक सुविधाएँ विकसित करने के लिए विस्तृत सर्वे किया जाए। साथ ही वर्तमान और भविष्य की उद्योगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, साइबर सुरक्षा, डिजिटल मार्केटिंग, डेटा एनालिटिक्स, ई-कॉमर्स तथा अन्य रोजगारोन्मुखी कौशल आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने की संभावनाओं का अध्ययन किया जाए।
उन्होंने उद्योगों के सहयोग से छात्राओं के लिए प्लेसमेंट, अप्रेंटिसशिप और इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल छात्राओं को नौकरी दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी बनाना भी होना चाहिए, ताकि वे स्वयं रोजगार सृजित कर अन्य लोगों को भी रोजगार दे सकें।
श्री चहल ने सभी संबंधित विभागाध्यक्षों को प्रत्येक सप्ताह समीक्षा बैठक आयोजित करने, कार्यों की नियमित प्रगति की निगरानी करने तथा संस्थान के प्रत्येक पहलू का विस्तृत सर्वे कर शीघ्र समग्र परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
‘#एक_पेड़_माँ_के_नाम_ऑन_संडे’ जैसे जनभागीदारी आधारित अभियानों के माध्यम से एनडीएमसी माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ, हरित, सतत एवं विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास तथा सतत शहरी विकास के प्रति परिषद की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से दर्शाता हैl
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