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विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर सीटू गौतम बुद्ध नगर का आह्वान – बच्चों के हाथ में औजार नहीं, किताब दो : गंगेश्वर दत्त शर्मा

नोएडा : सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू), गौतम बुद्ध नगर की ओर से “विश्व बाल श्रम निषेध दिवस” के अवसर पर सभी मेहनतकशों, नागरिकों और सरकार से बाल श्रम के पूर्ण उन्मूलन के लिए एकजुट होने की अपील की गई।

सीटू गौतम बुद्ध नगर के सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि हर साल 12 जून को मनाया जाने वाला यह दिवस केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि आज भी लाखों बच्चे स्कूलों के बजाय ईंट-भट्टों, कारखानों, ढाबों और खेतों में अपना बचपन खो रहे हैं।

सीटू की प्रमुख मांगें एवं अपील:
• कानून का सख्त पालन: बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 का गौतम बुद्ध नगर सहित पूरे देश में सख्ती से पालन हो। 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम करवाना दंडनीय अपराध है। • शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित हो: हर बच्चे को निःशुल्क, अनिवार्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। बच्चों के हाथों में किताबें अच्छी लगती हैं, काम का बोझ नहीं। • जिम्मेदारी तय हो: जिला प्रशासन, श्रम विभाग और पुलिस मिलकर औद्योगिक क्षेत्रों, निर्माण स्थलों और बाजारों में सघन अभियान चलाकर बाल श्रमिकों को मुक्त कराएं और मालिकों पर कठोर कार्रवाई करें। • जन-जागरूकता: समाज से अपील है कि बाल श्रम के खिलाफ आवाज उठाएं। यदि आपके आसपास कोई बच्चा काम करता दिखे तो चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या श्रम विभाग को तुरंत सूचित करें।
श्री शर्मा ने कहा, “बाल श्रम बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास में सबसे बड़ी बाधा है। एक बच्चा जब ईंट उठाता है तो वह केवल ईंट नहीं उठाता, वह देश का भविष्य गिराता है। हमें एक ऐसा समाज बनाना है जहां बच्चों के हाथों में औजार नहीं, किताब और पेंसिल हो। उनका बचपन मत छीनो।”

सीटू गौतम बुद्ध नगर संकल्प लेता है कि वह जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए लगातार अभियान चलाएगा और मजदूर संगठनों के साथ मिलकर बच्चों के सुरक्षित बचपन व शिक्षा के अधिकार की लड़ाई लड़ेगा।

 

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