युवा कांग्रेस ने दिल्ली में प्रदूषण, गंदगी, पानी की किल्लत, जलभराव जैसी समस्याओं के खिलाफ की ‘बेहतर दिल्ली’ अभियान की शुरुआत

नई दिल्ली : भारतीय युवा कांग्रेस ने देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण, गंदगी, पानी की किल्लत और जलभराव जैसी समस्याओं से जनता को राहत दिलाने के लिए भाजपा सरकार के खिलाफ संघर्ष का ऐलान करते हुए ‘बेहतर दिल्ली’ अभियान की शुरुआत की है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अजय माकन, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब और दिल्ली युवा कांग्रेस अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने कांग्रेस कार्यालय में इस मुहिम का रोडमैप साझा किया।
अजय माकन ने कहा कि युवा कांग्रेस ने देश के शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों की समस्याओं को सुलझाने के लिए एक जरूरी पहल की है, जिसकी शुरुआत दिल्ली से हो रही है। युवा कांग्रेस ने तय किया है कि वह जरूरी मुद्दों को ध्यान में रखते हुए लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं पर चर्चा करेगी और उनके समाधान के लिए जरूरी कदम उठाएगी।
माकन ने कहा कि देश की लगभग 40 प्रतिशत आबादी शहरों में रहती है, लेकिन उनकी समस्याओं पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मनरेगा के कमजोर होने से गांवों से पलायन बढ़ेगा और शहरों पर दबाव बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि शहरों में रहने वाले विभिन्न वर्गों की अलग-अलग समस्याएं हैं, जिन्हें समझकर युवा कांग्रेस उनका समाधान निकालने का अभियान चलाने जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह अभियान सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के अन्य शहरों में भी चलाया जाएगा।
दिल्ली के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने देश की राजधानी होने के बावजूद दिल्ली की बदतर हालत को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद कूड़े के पहाड़ खत्म नहीं हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस समस्या का हल निकालने के बजाए कूड़े को कॉलोनियों में खुली जगह पर डालना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कचरा प्रसंस्करण भी एक बड़ी समस्या है, जिसके कारण आज तक जनता को कूड़े की समस्या से निजात नहीं मिल सकी है। किराड़ी, बवाना और नरेला में कूड़े के नए पहाड़ खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने अन्य समस्याएं उठाते हुए कहा कि अब गर्मियां आते ही बिजली कटौती भी शुरू हो चुकी है। उन्होंने पेयजल की समस्या उठाते हुए कहा कि दिल्ली को 1500 एमजीडी पानी की जरूरत है, लेकिन 861 एमजीडी ही उपलब्ध हो रहा है। इस पानी में से भी 57 प्रतिशत लीक हो रहा है। इसी वजह से टैंकर माफिया हर जगह मौजूद हैं। उन्होंने दिल्ली की भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि एक लाख करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की गई, लेकिन उसमें से सिर्फ 57 प्रतिशत ही खर्च होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा सरकार अलग-अलग टैक्सों के नाम पर वसूली तो करती है, लेकिन लोगों को सुविधाएं नहीं देती।
युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने भी दिल्ली की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दिल्ली को विश्व की हरित राजधानी कहा जाता था, जहां कांग्रेस सरकार के समय 22 प्रतिशत से ज्यादा ग्रीन कवर बढ़ा था। लेकिन आज मौजूदा भाजपा और पूर्व की केजरीवाल सरकार ने दिल्ली को विश्व की प्रदूषण राजधानी और गैस चैंबर बना दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और दिल्ली में भाजपा सरकारें हैं और मेयर भी भाजपा के हैं, फिर भी प्रदूषण के कारण हजारों मौतें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदूषण, पीने के पानी की किल्लत और जलभराव जैसी समस्याओं से जनता परेशान है। इसलिए युवा कांग्रेस स्थानीय लोगों के बीच जाकर उनसे संवाद करेगी, उन्हें राहत दिलाने के लिए सरकार के खिलाफ संघर्ष किया जाएगा और प्रदर्शन भी होंगे।
उन्होंने ‘बेहतर दिल्ली’ अभियान के तहत प्रमुख मांगों को सामने रखते हुए कहा कि दिल्ली से कूड़े के ढेरों का पूरी तरह खात्मा किया जाए, जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो, जनता को 24 घंटे साफ पेयजल की आपूर्ति हो, सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरों के साथ बेहतर सुरक्षा व्यवस्था हो, अवैध निर्माण पर रोक लगे व इसे संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर आपराधिक मामला दर्ज हो,‘फर्ज़ी कर्मचारी’ घोटाले की जांच पूरी कर जनता के पैसे की रिकवरी की जाए, प्रदूषण कम करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं और दिल्ली नगर निगम के पिछले 20 वर्षों का हिसाब-किताब व टेंडरों की जानकारी सार्वजनिक हो। इसके अलावा विज्ञापनों पर जनता का पैसा बर्बाद करना बंद कर उसे वास्तविक विकास कार्यों पर खर्च किया जाए। उन्होंने कहा कि ये केवल मांगें नहीं हैं, बल्कि दिल्ली के नागरिकों के सम्मानजनक जीवन की रक्षा के लिए अनिवार्य कदम हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन मुद्दों पर काम नहीं किया तो युवा कांग्रेस द्वारा आंदोलन किया जाएगा।



