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पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग अध्यक्ष ने 30 प्रकरणों की जनसुनवाई की, अधिकारियों की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी

लखनऊ : उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने शुक्रवार को इन्दिरा भवन, लखनऊ स्थित आयोग कार्यालय में विभिन्न जनपदों से प्राप्त 30 शिकायतों व पत्रावलियों की जनसुनवाई की। इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण मामलों की समीक्षा की गयी तथा संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए गये।

जनसुनवाई के दौरान अन्य पिछड़े वर्ग के जाति प्रमाण पत्र की वैधता व निर्गमन प्रक्रिया पर विशेष सचिव, कार्मिक विभाग के साथ बैठक की गई। इसमें जाति प्रमाण पत्र जारी करने में आ रही कठिनाइयों पर विचार-विमर्श कर विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजने का निर्णय लिया गया।

रमेश सिंह एवं दिनेश कुमार के सेवानिवृत्ति उपरान्त देयकों के भुगतान से संबंधित मामले में सहकारिता विभाग के अधिकारियों के उपस्थित न होने पर आयोग ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और प्रमुख सचिव सहकारिता को पत्र भेजने के निर्देश दिए। इसी प्रकार, सीतापुर जनपद की उमा देवी के गाँव की भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में उपजिलाधिकारी, सिधौली की लापरवाही को गंभीर मानते हुए नियुक्ति विभाग को अवगत कराने का निर्णय लिया गया।
लखनऊ निवासी सुधा सिंह के पति स्वर्गीय आनन्द कुमार सिंह के सेवानिवृत्ति उपरान्त देयकों के भुगतान न होने के प्रकरण में भी नगर विकास विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर असंतोष जताया गया। अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि अधिकारी संवेदनशीलता दिखाएँ और शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए शिकायतकर्ता को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करें। वहीं झाँसी के बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के सहायक आचार्य (हिन्दी) नवीन चन्द्र पटेल से संबंधित प्रकरण का समाधान हो जाने पर आयोग ने इसे निस्तारित कर दिया।

अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि भविष्य में सुनवाई के दौरान सक्षम अधिकारियों की अनुपस्थिति पर उनके विरुद्ध कार्यवाही हेतु शासन को पत्र भेजा जाएगा।

 

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