डूटा चुनाव के लिए एनडीटीएफ करेगा 22 जुलाई को पैनल के उम्मीदवारों की घोषणा
एनडीटीएफ अपनी उपलब्धियों को शिक्षकों तक ले जाएगा : प्रो.भागी
नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ( डूटा ) के चुनाव हर दो साल में होते हैं । डूटा का कार्यकाल अगस्त माह में समाप्त हो रहा है । वर्ष –2025 –27 के लिए होने वाले चुनाव 4 सितंबर को होने निश्चित हुए हैं । चुनाव तिथि की घोषणा के बाद सभी राजनैतिक दलों से प्रतिबद्ध शिक्षक संगठनों ने अपने -अपने उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए बैठकों का दौर शुरू हो गया है । इसी कड़ी में नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट ( एनडीटीएफ ) ने एग्जिक्यूटिव मेम्बर्स , जोनल मेम्बर्स के अलावा कॉलेजों की यूनिट के सदस्यों को 22 जुलाई को किरोड़ीमल कॉलेज के सभागार में बैठक आयोजित की गई है । इस बैठक में डूटा चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के साथ — साथ डूटा कार्यकारिणी के सदस्यों की भी घोषणा की जाएगी । रविवार को यह जानकारी एनडीटीएफ के मीडिया संयोजक डॉ.हंसराज सुमन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है ।
एनडीटीएफ बताएगा शिक्षकों को अपनी चार साल की उपलब्धियां — एनडीटीएफ के अध्यक्ष प्रोफेसर अजय कुमार भागी ने बताया है कि एनडीटीएफ शिक्षकों के बीच अपनी चार साल की उपलब्धियों को लेकर शिक्षकों के बीच जाएगा और उसी आधार पर वोट देने की अपील करेंगे । प्रोफेसर भागी का कहना है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में 5000 स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति , सहायक प्रोफेसर , एसोसिएट प्रोफेसर व प्रोफेसर की 22 000 यूनिट प्रमोशन कराई , सभी शिक्षकों का बकाया एरियर दिलाना ,एक दर्जन से अधिक प्रिंसिपल पदों पर स्थायी नियुक्ति , कोविड के समय शिक्षकों को 36 अर्जित अवकाश दिलाना , दिल्ली सरकार के वित्त पोषित कॉलेजों की समय पर वेतन दिलाना आदि मुख्य कार्य किए हैं । बाकी बचे हुए कॉलेजों में भी स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कराएंगे ।
काम किया है काम करेंगे — प्रोफेसर भागी का कहना है कि पिछले एक दशक से एनडीटीएफ शिक्षक संगठन शिक्षकों के बीच रहकर उनकी सभी समस्याओं का समाधान किया है । उनका कहना है कि जब से वे डूटा के अध्यक्ष बने तभी से एक दशक सेà रुकी हुई शिक्षकों की नियुक्ति व पदोन्नति को शुरू कराने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है । दस वर्षों से उनके संगठन के कार्यकारी परिषद ( ईसी ) में जीतते आ रहे है जिसमें शिक्षकों व कर्मचारियों को तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराई है । उनका कहना है कि जो कार्य बच गए हैं उन्हें इस बार पूरा कराने का हर संभव प्रयास होगा ।


